US-Iran Geopolitical Conflict Escalation: अमेरिका और ईरान के बीच कुछ समय पहले लागू हुए सीजफायर के बावजूद तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी इलाके में हमला किया है. इनमें बंदर अब्बास और केश्म पोर्ट पर सैन्य कार्रवाई की गई है. बताया जा रहा है कि यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाए जाने के बाद किया गया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट, ड्रोन ठिकानों और निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया है. वहीं ईरान का दावा है कि अमेरिका ने पहले से लागू सीजफायर का उल्लंघन किया है और उसके तेल टैंकरों व तटीय इलाकों पर हमला किया गया.
पहले हुआ था सीजफायर, अब फिर बढ़ा टकराव
दोनों देशों के बीच अप्रैल में संघर्ष रोकने के लिए अस्थायी सीजफायर लागू किया गया था. उस समय पाकिस्तान समेत कई देशों की मध्यस्थता के बाद हालात कुछ शांत हुए थे और होर्मुज क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही आंशिक रूप से बहाल हुई थी, लेकिन अब नई सैन्य कार्रवाई ने उस समझौते पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला “रक्षात्मक जवाबी कार्रवाई” थी और इसका मतलब युद्ध दोबारा शुरू करना नहीं है. दूसरी ओर ईरान लगातार आरोप लगा रहा है कि अमेरिका क्षेत्र में तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.
ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जल्द समझौता करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर तेहरान ने शांति प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख नहीं दिखाया तो आगे और कड़ी कार्रवाई हो सकती है.
लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण पूरे मध्य पूर्व में चिंता का माहौल है. खाड़ी देशों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रहा है, क्योंकि यह तनाव वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ा असर डाल सकता है.
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter