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Delhi Blast: ATS की पूछताछ में बिल्डिंग नंबर 17 के रूम 13 का जिक्र, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में रची गई साजिश!

दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद जांच अब तेज कर दिया है, जिसमें जांच एजेंसियां प्रतिदिन नए खुलासे कर रही हैं. ATS की जांच में पाया गया कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग नंबर 17 के रूम नंबर 13 से ब्लास्ट की साजिश रची गई थी. यहां से 4 आरोपियों के एक साथ कनेक्शन भी सामने आए हैं, जिसमें पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, उनसे पूछताछ की जा रही है. अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये तीनों आरोपी किसी बड़े संगठन से जुड़े थे या इनकी खुद की साजिश थी. फिलहाल, हर एंगल से जांच की जा रही है.

दिल्ली बम धमाके और फरीदाबाद में मिले 2900 किग्रा. विस्फोटक सामग्री की साजिश यहीं से रची गई थी. बिल्डिंग नंबर 17 का रूम 13 तीसरी मंजिल पर है, जो डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई उर्फ मुसैब को अलॉट था. वहीं इसके बगल का कमरा डॉ. उमर को मिला था. इसके बावजूद दोनों रूम 13 में ही रहते थे. जांच एजेंसियों के अनुसार ये दोनों पिछले 3 महीनों से आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और अंसर गजावत-उल-हिंद के संपर्क में थे. सोमवार को एटीएस की टीम ने लगभग 5 घंटे तक यूनिवर्सिटी परिसर में पूछताछ की.

3 घंटे तक चली पूछताछ
पूछताछ करने के बाद ATS की टीम ने डॉ. मुज्जमिल व उमर के कमरे का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर घुस गए. इस दौरान उनके कमरे की तलाशी ली गई. करीब 3 घंटे तक पूरे रूम को अच्छी तरह से खंगाला. टीम ने कई सामान भी जब्त किया है. इस दौरान ATS के अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी के लोगों से कहा कि आप लोगों को हमारा सहयोग करना है ताकि कोई बेकसूर न परेशान हो और कोई अपराधी भी न बचे.

ATS की टीम के हाथ लगे कई अहम सुराग
इस साजिश में डॉक्टर शाहीन अंसारी प्रमुख किरदार है, जिसकी गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे हुए हैं. शाहीन को फरीदाबाद से विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया था. शाहीन की गिरफ्तारी के बाद उसके भाई परवेज अंसारी की जांच तेज कर दी गई है. मंगलवार को उसके लखनऊ स्थित घर पर छापा मारा गया लेकिन वह पहले ही घर छोड़कर भाग चुका था. हालांकि पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. ATS की टीम ने जब उसके घर पर छापा मारा तो पेन ड्राइव, मोबाइल, लैपटॉप और हार्ड डिस्क मिली है. जिसमें कई अहम जानकारी होने की संभावना है.

डॉ. मुजम्मिल के नाम पर था रूम 13
दरअसल, पुलिस ने एक कार से AK-47 बरामद की थी. वह कार डॉक्टर मुजम्मिल की थी. जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो शाहीन का नाम सामने आया था. जब शाहीन की गिरफ्तारी हो गई तो उसके भारी परवेज ने मोबाइल बंद कर घर से फरार हो गया. हालांकि बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. कुल मिलाकर ज्यादातर आरोपियों के कनेक्शन अल-फलाह यूनिवर्सिटी से सामने आए हैं. जहां डॉ. मुज्जमिल के रूम नंबर 13 से साजिश रची जा रही थी.

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