US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर शांति वार्ता आयोजित की जानी थी, लेकिन ईरान बातचीत में शामिल नहीं हुआ, जिसकी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीजफायर को बढ़ाने का ऐलान कर दिया. आज सीजफायर खत्म होने का अंतिम दिन था. भले ही युद्धविराम को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं हो पाई हो, लेकिन थोड़ी राहत भरी खबर है. फिलहाल, अभी कुछ दिनों के लिए फिर से शुरू होने वाला खतरा फिलहाल टल गया है.
ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया, “ईरान नहीं चाहता कि होर्मुज बंद हो. वे चाहते हैं कि यह खुला रहे ताकि वे प्रतिदिन $500 मिलियन कमा सकें. वे सिर्फ इसलिए कहते हैं कि वे इसे बंद करना चाहते हैं, क्योंकि मैंने इसे पूरी तरह से ब्लॉक कर रखा है. इसलिए वे बस अपनी ‘इज्जत बचाना’ चाहते हैं. चार दिन पहले कुछ लोग मेरे पास आए और कहा, ‘सर, ईरान तुरंत होर्मुज को खुलवाना चाहता है, लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं, तो ईरान के साथ कभी कोई डील नहीं हो पाएगी. जब तक कि हम उनके बाकी देश को, उनके नेताओं समेत, उड़ा न दें.”
अपनी शर्तों पर अड़ा ईरान
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर पाकिस्तान में पूरी तैयारियां कर ली गई थी. लेकिन ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा रहा. ईरान का साफ कहना था कि अगर हमारी शर्तों को नहीं माना जाएगा, तो हम बातचीत में शामिल नहीं होंगे. जबकि अमेरिका शांति वार्ता में शामिल होने के लिए पूरी तरह से तैयार था.
सीजफायर बढ़ा लेकिन नाकेबंदी जारी रहेगी
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “ईरान सरकार की गंभीर रूप से विभाजित स्थिति को देखते हुए, जो कि अप्रत्याशित नहीं था, और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर, हमें ईरान पर अपना हमला तब तक रोकने के लिए कहा गया है जब तक कि उनके नेता और प्रतिनिधि एक एकीकृत प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं कर देते. इसलिए मैंने अपनी सेना को नाकाबंदी जारी रखने और अन्य सभी मामलों में तैयार और सक्षम रहने का निर्देश दिया है, और इसलिए युद्धविराम को तब तक बढ़ाया जाएगा जब तक कि उनका प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया जाता और बातचीत किसी भी तरह से समाप्त नहीं हो जाती.
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