बिलासपुर जिले में खाद की कमी के बीच कालाबाजारी की शिकायतें सामने आई हैं। किसानों को फसलों के लिए पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे परेशान हैं। प्रशासन की टीम ने कालाबाजारी रोकने के लिए दुकानों की जांच की।
जांच के दौरान गनियारी और तखतपुर में खाद वितरण में अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए इन दोनों दुकानों को सील कर दिया। साथ ही, इन दुकानों पर खाद बिक्री 21 दिनों के लिए प्रतिबंधित कर दी गई है।
खाद का स्टॉक वर्तमान में 30% से भी कम
खरीफ सीजन के लिए कुल 68,950 मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता है, लेकिन सहकारी समितियों के पास अभी केवल 14,406 मीट्रिक टन खाद ही उपलब्ध है।जिले में खाद का स्टॉक वर्तमान में 30 प्रतिशत से भी कम है।
इन स्थानों पर गड़बड़ी पाई गई
कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम ने मेसर्स किसान सेवा केंद्र तखतपुर और मेसर्स अमन कृषि केंद्र गनियारी का औचक निरीक्षण किया, जहां खाद वितरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। उप संचालक कृषि पीडी हथेश्वर ने बताया कि जांच के दौरान किसान सेवा केंद्र तखतपुर में मशीन स्टॉक में यूरिया 750 बोरी दर्ज थी,जबकि भौतिक रूप से 550 बोरी ही पाई गई।
इसी प्रकार 200 बोरी यूरिया बिना मशीन में दर्ज किए रखी गई थी। वहीं गनियारी स्थित अमन कृषि केंद्र में मशीन रिकॉर्ड में 1679 बोरी यूरिया दर्ज थी, लेकिन मौके पर भौतिक स्टॉक नहीं मिला।
रिकार्ड में गड़बड़ी
अधिकारिक जानकारी के अनुसार दोनों प्रतिष्ठानों में उर्वरक भंडारण एवं वितरण से संबंधित रजिस्टर भी संधारित नहीं पाए गए, जो कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 का उल्लंघन है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दोनों दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 21 दिनों के लिए खाद विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कार्रवाई के दौरान दिव्या गौतम सहायक संचालक कृषि, आर.एल. पैकरा प्रभारी, कृषि वि.अ. तखतपुर, खुशबू साहू, उषा ध्रुव उर्वरक निरीक्षक,एवं नरेश चंदेल ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थिति थे।
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