अवैध शराब बेचने वाले कोचियों को पुलिस का ही संरक्षण

ऊँची दुकान फीके पकवान” यह कहावत आप ने सुनी होगी। जिसमें काम कम किया जाता है, लेकिन गुणगान ज्यादा की जाती है। दरअसल, हम यह मुहावरा आपको इसलिए बता रहे हैं क्योंकि, इन दिनों महासमुंद जिले के थाना क्षेत्रों की पुलिस भी अवैध शराब की बिक्री को लेकर कुछ ऐसा ही कर रही है। नतीजा लोग एसपी और कलेक्टर से कार्रवाई की गुहार लगा रहे है। जिलेभर में सभी थाना क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। लेकिन थाना क्षेत्रों की पुलिस थोड़ी-मोड़ी और छुटपुट की कार्रवाइयों को लेकर अपना पीठ थपथपाने से पीछे नहीं हटती। हद तो तब हो जाती है, जब अवैध शराब बेचने वाले कोचियों को पुलिस का ही संरक्षण मिलता है और लोग परेशान होकर एसपी या फिर दंडाधिकारियों से इसकी लिखित व नामजद शिकायत करते है। ऐसा हम नहीं बल्कि सामने आने वाले शिकायत बयां कर रही है।

पहले मामले में तुमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम भोरिंग के ग्राम विकास समिति ने 6 बिंदुओं पर अवैध गांजा और शराब की बिक्री से गांव में पैदा होने वाले विकृतियों से अवगत कराते हुए कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा है और प्रतिलिपि मुख्यमंत्री तक को भेजा है। वहीं दूसरे मामले में पिथौरा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर, नरसिंगपुर और जर्रा में पंचायत द्वारा अवैध शराब बेचे जाने की नामजद शिकायत तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर से की गई है। ये दो शिकायतें महज एक उदाहरण है, पूरे जिले में अवैध शराब बेचने वालों का काम धड़ल्ले से जारी है, जिसकी शिकायत पुलिस और प्रशासन को रोज मिल रही है।

ऐसा नहीं कि पुलिस कार्रवाई की खाना पूर्ति या फिर कार्रवाई नहीं कर रही। विभागीय आंकड़ों की मानें तो जिले के अलग अलग थाना क्षेत्रों में 434 प्रकरणों में महज 1675 लीटर शराब जब्त कर आबकारी एक्ट में गिरफ्तारी की गई है। मामले में जहां एएसपी प्रतिभा पांडेय शिकायत मिलने पर लगातार कार्रवाई करने और थाना क्षेत्र के प्रभारियों को सख्ती बरतने के निर्देश देने की बात कर रही वहीं गृहमंत्री विजय शर्मा भी इस ओर कुछ बड़ा करने के संकेत दे रहे है। पुलिस प्रशासन और गृहमंत्री के बयान से यह तो लग रहा की आने वाले दिनों में अवैध शराब को लेकर सख्ती बरती जाएगी। लेकिन जिले के जिन-जिन थाना क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी धड़ल्ले से हो रही है, आखिर उन पर मेहरबान क्या विभागीय कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी? या फिर महासमुंद पुलिस हमेशा की तरह अपनी पीठ “ऊंची दुकान फीकी पकवान” की तरह थप थपाते रहेगी।

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