कांकेर। जिले के दुर्गुकोंदल क्षेत्र में धान उठाव में हो रही देरी से किसानों और समिति प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। सुरूंगदोह उपार्जन केंद्र में खरीदी के बाद करीब 41 हजार क्विंटल से अधिक धान अब भी खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है, जिससे उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।जानकारी के अनुसार इस वर्ष उपार्जन केंद्र में कुल 51 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की गई थी। इसके मुकाबले अब तक केवल करीब 9 हजार क्विंटल धान का ही उठाव हो सका है।
तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण खुले में रखा धान खराब होने की आशंका जताई जा रही है।समस्या को देखते हुए समिति प्रबंधन ने जिला विपणन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द धान परिवहन की व्यवस्था करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई है। समिति का कहना है कि यदि समय रहते धान का उठाव नहीं किया गया तो किसानों और समिति दोनों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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