जमीन के बदले नौकरी घोटाले मामले में राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। देश के शीर्ष न्यायालय ने लैंड फॉर जॉब्स घोटाले (Land For Job Scam) में स्टे लगाने से साफ इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में ही कसे चलने का आदेश दिया है।
दरअसल आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने लैंड फॉर जॉब्स घोटाले में दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें ट्रायल रोकने से इनकार किया था। लालू यादव ने एफआईआर और चार्जशीट रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने जांच को राजनीति से प्रेरित और प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया था।
लालू यादव की तरफ से दाखिल याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट से 2022, 2023 और 2024 में दाखिल की गई एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने 29 मई को यह कहते हुए ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था कि इसके लिए कोई ठोस वजह नहीं है। हालांकि, सीबीआई को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 12 अगस्त को तय की गई है।
मामला भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र में ग्रुप-डी की नियुक्तियों से जुड़ा है, जो लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते हुए 2004 से 2009 के बीच जबलपुर (मध्य प्रदेश) में की गई थीं। आरोप है कि इन नियुक्तियों के बदले में भर्ती किए गए व्यक्तियों ने लालू के परिवार या सहयोगियों के नाम पर भूमि के टुकड़े दिए या ट्रांसफर किए थे।
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने हाई कोर्ट में अपनी याचिका में एफआईआर और 2022, 2023 और 2024 में दायर तीन चार्जशीट को रद करने की मांग की। जमीन के बदले नौकरी मामले में सीबीआई ने 18 मई 2022 को लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी, दो बेटियों, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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