Breaking News

अलख निरंजन,अलख निरंजन

छत्तीसगढ़ में 18 सितंबर 2025 का दिन सरगर्मी का रहा। दो आईएस अफसर ने से एक महाभ्रष्ट रिटायर्ड निरंजनदास को गिरफ्तार कर लिया गया दूसरी तरफ रिटायर्ड आईएएस अफसर आलोक शुक्ला को इतनी हड़बड़ी थी कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अपलोड हुए बगैर सरेंडर करने वकील लिए कोर्ट पहुंच गए। सूर्यकांत तिवारी ने भी ऐसा करने की आदर्श कोशिश कर सज्जनता दिखाने का नौटंकी करने वाले थे लेकिन जांच एजेंसी स्मार्ट निकली।छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला केस में ईओडब्ल्यू ने रिटायर्ड आईएएस निरंजन दास को गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी आयुक्त थे। निरंजन पर सिंडिकेट ऑपरेट करने में अहम रोल निभाने का आरोप है। घोटाले से उन्हें हर महीने पचास लाख(मिलते तो बहुत थे) मिलते थे।

ईओडब्ल्यू जांच में ये बात सामने आई है कि, रिटायर्ड आईएएस निरंजन दास ने पूर्व महाभ्रष्ट अनिल टुटेजा, तत्कालीन विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी, कारोबारी अनवर ढेबर और अन्य के साथ मिलकर शराब घोटाले का सिंडिकेट खड़ा किया था।ईओडब्ल्यू के अनुसार सिंडिकेट ने सरकारी शराब दुकानों में कमीशन तय करने, डिस्टलरियों से अतिरिक्त शराब बनवाने, विदेशी ब्रांड की अवैध सप्लाई कराने और डुप्लीकेट होलोग्राम के जरिए अवैध शराब बेचने जैसी गतिविधियों से राज्य सरकार को हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचाया।

ईओडब्ल्यू की चार्जशीट के मुताबिक नोएडा की प्रिज्म होलोग्राफिक सिक्योरिटी फिल्म्स को टेंडर दिलाने में दास की अहम भूमिका रही। कंपनी अयोग्य होने के बावजूद शर्तें बदली गईं और उसे काम दिया गया। इसके बाद डुप्लीकेट होलोग्राम बनाकर अवैध शराब की बिक्री को वैध ठहराया गया। प्रति होलोग्राम आठ पैसे का कमीशन तय हुआ। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि निरंजन दास और सिंडिकेट ने झारखंड की आबकारी नीति बदलवाने की भी साजिश रची। जनवरी 2022 में ढेबर और त्रिपाठी के साथ झारखंड अधिकारियों के साथ बैठक कर छत्तीसगढ़ मॉडल लागू कराया।

रिटायरमेंट के बाद फरवरी 2023 में उन्हें संविदा पर आबकारी आयुक्त बनाया गया था। एसीबी उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में घोटाले की कई परतें और खुलेंगी। ईडी ने एसीबी में एफआईआर दर्ज कराई है।दर्ज में दो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में महाभ्रष्ट अफसर गण अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी अरुणपति त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

कारोबारी अनवर ढेबर ने सिंडिकेट बनाने के लिए फरवरी 2019 में जेल रोड स्थित होटल वेनिंगटन में प्रदेश के तीन डिस्टलरी मालिकों को बुलाया। इस मीटिंग में छत्तीसगढ़ डिस्टलरी से नवीन केडिया, भाटिया वाइंस प्राइवेट लिमिटेड से भूपेंदर पाल सिंह भाटिया और प्रिंस भाटिया शामिल हुए। साथ ही वेलकम डिस्टलरी से राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू के साथ हीरालाल जायसवाल और नवीन केडिया के संपर्क अधिकारी संजय फतेहपुरिया पहुंचे। मीटिंग में इनके अलावा एपी त्रिपाठी और अरविंद सिंह भी मौजूद थे।

मीटिंग में अनवर ढेबर ने तय किया कि डिस्टलरी से जो शराब सप्लाई की जाती है, उसमें प्रति पेटी कमीशन देना होगा। कमीशन के बदले रेट बढ़ाने का आश्वासन डिस्टलरी संचालकों को दिया गया। पैसे का हिसाब-किताब करने के लिए आरोपियों ने पूरे कारोबार को ए, बी और सी पार्ट में बांटा गया। शराब दुकान संचालकों को सरकारी कागजों पर शराब की खपत दर्ज न करने की सलाह दी गई थी। बिना शुल्क चुकाए दुकानों तक डुप्लीकेट होलोग्राम वाली शराब पहुंचाई गई। आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार फरवरी 2019 से शुरू हुआ था।

शुरुआत में डिस्टलरी से हर महीने 800 पेटी शराब से भरे 200 ट्रक निकलते थे। एक पेटी 2840 रुपए में बिकती थी। उसके बाद, हर महीने 400 ट्रक शराब की आपूर्ति होने लगी। शराब 3,880 रुपए प्रति पेटी बेची गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि तीन साल में 60 लाख से ज़्यादा पेटी शराब अवैध रूप से बेची गई। निरंजन दास वही महाभ्रष्ट अफसर है जिसने अग्रिम जमानत पाए आबकारी अधिकारियों को सिविल लाइंस काफी हाउस में बैठक की आड में बुलाकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर प्रतिनिधि मंडल बना कर जांच एजेंसियों के खिलाफ प्रताड़ना का स्टेटमेंट दिलवाया था। इस भेट मुलाकात में आबकारी अधिकारियों को जेल जाने पर पिकनिक मनाने और छूटने पर मलाईदार पोस्टिंग का आश्वाशन मिला था। अब भूपेश की सरकार है नहीं। निरंजन जी ,जेल जाना पड़ रहा है,अलख निरंजन

Check Also

US-Israel-Iran War : छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट में तनाव चरम पर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *