राजनांदगांव: राज्य के कर्मचारियों में क्रमोन्नति (Promotion) को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। शासन द्वारा अब तक ठोस पहल न किए जाने के कारण कर्मचारी संघों ने बहुत जल्द विधानसभा घेराव करने की घोषणा की है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि शासन के कानों पर अब तक जूं नहीं रेंग रही है, जबकि यह विषय हजारों कर्मचारियों के भविष्य और अधिकार से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि “मोदी की गारंटी” के अंतर्गत और राज्य सरकार के चुनावी घोषणा पत्र में क्रमोन्नति देने का स्पष्ट वादा किया गया था, किंतु अब शासन अपने ही वादे से पीछे हटता दिखाई दे रहा है।
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि यह रवैया न केवल निराशाजनक है, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल पर भी गहरा प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो कर्मचारी वर्ग को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
कर्मचारी नेता श्री सुशील शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों को अब भी न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा — “हमें पूर्ण विश्वास है कि न्यायालय, सोना साहू प्रकरण की तरह ही, हम सभी को क्रमोन्नति का न्याय अवश्य दिलाएगा। हम न्याय की राह पर शांतिपूर्वक और विधिक तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।” सूत्रों के अनुसार, यदि शासन ने आने वाले दिनों में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो कर्मचारी संगठन राजधानी रायपुर में विधानसभा घेराव कर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगे।
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