पिछले सात आठ साल से “चोर” शब्द कांग्रेस के लिए सर्वाधिक प्रयोग किए जाने वाला शब्द है। इन्हीं कांग्रेस का 2018से 2023तक पांच साल तक छत्तीसगढ़ में शासन था। अलीबाबा चालीस चोर फिल्म पूरे शासन काल में चली। चोरों का गिरोह बन गया था।” दो चोर” नाम की फिल्म लोक सेवा आयोग में बनी और खूब चली। बंटी टोमन सिंह सोनवानी और बबली आरती वासनिक।
पुराने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जब लोक सेवा आयोग में फर्जीवाड़ा का मुद्दा सुलग रहा था तब प्रेस वार्ता में बोले थे ” क्या नेता, अधिकारी, और व्यवसायियों के बच्चे प्रतिभावान नहीं हो सकते? बिल्कुल हो सकते है लेकिन ऐसे प्रतिभावान? जिनको टोमन सिंह और आरती वासनिक कोलकाता से प्रिंटर्स को बुलाकर प्रीलिम और मेंस एग्जाम के पेपर के सेट की चोरी करके प्रतिभावान बना दे ऐसा नहीं हो सकता। यही कारण था कि दिल्ली के एक पत्रकार ने भूपेश बघेल से पूछा था आपके नाक के नीचे टोमन सिंह इतना बड़ा घोटाला कर गए आपको पता नहीं चला? भूपेश बघेल खिसिया गए थे।

क्यों खिसिया गए थे भूपेश जी, आपको पता था कि सौम्या चौरसिया का पाला हुआ टोमन सिंह अंधों के समान रेवड़ी खुद ही खुद को बांट चुका था। आप , सौम्या चौरसिया, टोमन सिंह सोनवानी के करतूतों पर पर्दा डालने के लिए सामने आए थे।सीबीआई ने न्यायालय के सामने जो सच परोसा है उसमें सभी का चयन संदिग्ध है। नियम से पूरी परीक्षा निरस्त होनी चाहिए थी।जिनके बारे में प्रमाण है उनमें से कई परीक्षार्थी बाहर घूम रहे है।उन पर भी कड़ाई होनी चाहिए।
श्रम विभाग वाला खलको के बेटे बेटियों का चयन पूरी तरह से संदेह के दायरे में है। आरती वासनिक, महिला अधिकारी रही है, जल्द ही उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा का अवसर मिलता लेकिन वे लोक सेवा आयोग की सौम्या चौरसिया निकली।जाहिर है आरती को प्रलोभन भी सौम्या चौरसिया ने ही दिया होगा। अब आरती वासनिक भी सौम्या चौरसिया के समान जेल पहुंच गई है। पता नहीं कितना लालच भरा था इन लोगों में?
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