Breaking News

नो-एंट्री बेअसर: बिलासपुर की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे भारी वाहन, हादसों का खतरा भी बढ़ा

Bilaspur: बिलासपुर में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने नो-एंट्री का समय निर्धारित किया है. तय नियमों के मुताबिक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक शहर सीमा के भीतर भारी और बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है. इसके बावजूद सड़कों पर दिनदहाड़े ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली और निर्माण सामग्री से लदे बड़े वाहन बेधड़क दौड़ते नजर आ रहे हैं.

बिलासपुर की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे भारी वाहन
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर की विशेष अनुमति पर केवल कुछ आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों जैसे पीडीएस चावल आपूर्ति करने वाले ट्रकों को सीमित समय के लिए प्रवेश की अनुमति दी जाती है. यह अनुमति भी दोपहर के उन घंटों के लिए होती है, जब यातायात अपेक्षाकृत कम रहता है. इसके अलावा नगर निगम और प्रशासन द्वारा शासकीय निर्माण कार्यों में लगे वाहनों को भी कुछ निश्चित घंटों में प्रवेश की छूट दी गई है. हालांकि हकीकत यह है कि इन नियमों की आड़ में रेत, गिट्टी, मुरुम और अन्य निर्माण सामग्री से लदे निजी वाहन पूरे दिन शहर की सड़कों पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं. इससे न केवल हादसों का खतरा बढ़ रहा है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी चरमरा रही है.

सरकंडा क्षेत्र बना उल्लंघन का हॉटस्पॉट
शहर के सरकंडा क्षेत्र में सबसे अधिक भारी वाहनों को नो-एंट्री के दौरान दौड़ते देखा जा सकता है. माना जा रहा है कि यहां बड़े पैमाने पर निजी निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिसके कारण निर्माण सामग्री की आवाजाही लगातार बनी रहती है. यही वजह है कि दिन के समय भी ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली इस इलाके में आम दृश्य बन चुके हैं. हालांकि यह समस्या केवल सरकंडा तक सीमित नहीं है. शहर के अन्य हिस्सों में भी बड़े वाहन खुलेआम नो-एंट्री के नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं.

ट्रैक्टरों पर नहीं लग रही नकेल
शहर में ट्रैक्टर-ट्रॉली की समस्या तेजी से उभरकर सामने आई है। रेत, गिट्टी और ईंट लेकर ये वाहन बिना किसी भय के मुख्य सड़कों पर दौड़ते हैं. कई बार इनमें ओवरलोडिंग भी देखी जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है. जबकि, अधिकांश वाहन कृषि कार्य के लिए रजिस्टर्ड रहते हैं, इसके बावजूद बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई कर रहे.

जाम की प्रमुख वजह भी ये भारी वाहन
इन वाहनों की तेज रफ्तार और अनियमित संचालन से जहां आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है, वहीं जाम की स्थिति भी बनती है। संकरी सड़कों पर बड़े वाहनों की मौजूदगी से ट्रैफिक की रफ्तार थम जाती है और आम वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

बिना नंबर प्लेट के वाहन, कार्रवाई पर सवाल
चौंकाने वाली बात यह है कि कई भारी वाहन बिना नंबर प्लेट के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ऐसे में यदि कोई हादसा होता है तो संबंधित वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाता है. ट्रैक्टर-ट्रॉली में भी यही स्थिति देखने को मिलती है. यातायात पुलिस की ओर से कुछ स्थानों पर कार्रवाई जरूर की जा रही है, लेकिन परिवहन विभाग (आरटीओ) की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं. शहरवासियों का कहना है कि यदि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और नियमित जांच अभियान चलाया जाए, तो हादसों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है. फिलहाल हालात यह हैं कि नो-एंट्री का नियम कागजों तक सीमित नजर आ रहा है और भारी वाहन शहर की सड़कों पर बेखौफ दौड़ते हुए हादसों को न्योता दे रहे हैं.

Check Also

Babu Khemani Arrested: इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी मुम्बई से गिरफ्तार, ऑनलाइन सट्‌टा सिंडिकेट का है मास्टर माइंड

Babu Khemani Arrested: इन्फ्लुएंसर और ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का मास्टर माइंड बाबू खेमानी को मुंबई …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *