Punjab Lottery: कब-किसकी और कैसे किस्मत बदल जाए, कोई भरोसा नहीं. एक ऐसा ही मामला पंजाब से सामने आया है, जिसमें कूड़ा बीनने वाली महिला की 2.5 करोड़ रुपए की लॉटरी लग गई. लेकिन लॉटरी लगने के बाद भी वह पूरा पैसा नहीं ले पाई. महिला की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया. पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भी आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि इस लॉटरी पर महिला के अलावा किसी और का कोई दावा नहीं बनता. आरोपी के साथ सह-आरोपियों से भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए.
दरअसल, यह मामला पंजाब के बठिंडा का है, जहां एक महिला पुष्पा देवी ने थाने आकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली. एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता को 2.5 करोड़ रुपए की लॉटरी लगी थी. इसके कुछ समय बाद ही पति को दिल का दौरा आ गया, जिसमें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस दौरान इलाज के बहाने मनजीत सिंह और उसके कई साथियों ने मदद करना शुरू कर दिया, ताकि विश्वास बढ़ाया जा सके. जब उनके विश्वास में आ गई तो उन्होंने धोखाधड़ी कर दी.
70 लाख देकर हड़पे 1.80 करोड़
आरोपियों ने टिकट को ले लिया और 70 लाख रुपए शिकायतकर्ता को दे दिए. बाकी बची राशि को अपने बीच में बांट कर खत्म कर लिया. पुलिस ने जब जांच किया तो धोखाधड़ी सामने आई, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. आज हाईकोर्ट ने भी आरोपियों को जमानत देने से मना कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आरोपियों की संलिप्तता पहली नजर में स्पष्ट है और जांच अभी शुरुआती चरण में है.
कोर्ट ने कहा आरोपियों से पूछताछ करना जरूरी
जस्टिस राजेश भारद्वाज की सिंगल बेंच ने कहा कि शिकायत की मजबूरी और उसकी स्थिति का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने साजिश रची. इस लॉटरी पर हक सिर्फ और सिर्फ शिकायतकर्ता का था लेकिन आरोपियों ने धोखाधड़ी कर रकम हड़प ली. ऐसे में आरोपी मनजीत सिंह समेत उसके सभी साथियों की जमानत खारिज की जाती है. आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है.
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