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छत्तीसगढ़ में भी वोट चोरी, सैया भए कोतवाल?

देश में कांग्रेस और उनके इंडी गठबंधन के दल देश भर में साड़ा वोट चोरी हो गया कि करिए कि करिए का जुलूस लिए फिलहाल बिहार घूम रहे है। छत्तीसगढ़ के भी कांग्रेसियों को याद आ गया कि कुछ करिए कुछ करिए नस नस घोले।बस क्या था फिर आज्ञा जारी हो गया कि डेढ़ साल पहले उनकी संभावित जीत को चुरा लिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में चुनाव उनके ही कार्यकाल में हुआ था। मुख्य चुनाव अधिकारी भी उनके ही पसंद के थे।हो सकता है भाजपा से मिलकर वोट चोरी कर लिए हो? परमान जारी हो गया जाओ खोजों उन मतदाताओं को जिनके डुप्लीकेट वोटर आईडी है, फर्जी पते है,एक ही पते पर थोक वोटर है, असामान्य फोटो है, फार्म 6का दुरुपयोग हुआ है।

मुझे याद है सत्रह,चौदह और नौ महीने पहले क्रमशः विधानसभा,लोक सभा और नगरीय निकायों के चुनाव हुए थे। सभी में कांग्रेस पार्टी अपेक्षित हार मिली थी। शुक्र है कि महाराष्ट्र के समान यहां लोकसभा में जीत और विधान सभा चुनाव में हार नहीं हुई क्योंकि छत्तीसगढ़ में पहले विधान सभा चुनाव हो चुके थे। खैर, नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के है, वे वोट चोरी हो गया कि करिए कि करिए करते बुलेट में घूम रहे है सो छत्तीसगढ़ कांग्रेस का फर्ज बनता है – कुछ करे। आजकल किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता तब तक सक्रिय नहीं होते जब तक उनके पेट और मोटर साइकल में ईंधन न डालने का प्री पैड जुगाड न हो जाए। ये तो रैली के लिए हुआ। वोटर लिस्ट निकालना, पांच बिंदु पर जांच करने के लिए घर घर जाना, इसका पेमेंट अलग लगेगा।

छत्तीसगढ़ में वोट चोरी ग्रामीण केंद्रों की संख्या(ग्राम पंचायत) 11693है। सबसे बढ़िया जगह यही है वोट चोरी का पता लगाने को। ग्राम पंचायत में तो चार पांच सौ वोटर एक ही ग्राम पंचायत के पते पर थोक में मिलेंगे, ( फर्जी पते और एक ही जगह में थोक वोट, इतने सारे वोट चोर?)।ग्राम पंचायत से जो पलायन कर कमाने खाने चले गए है, वे मिलेंगे नहीं(फर्जी वोटर मिल गए?) असामान्य फोटो बीस साल पुरानी फोटो अब असामान्य हो गई है )। मुद्दा भी मिल गया और मुद्दई भी। बिहार चुनाव को अभी तीन चार महीने है ,इतने समय में बहुत कुछ सामने आ जाएगा। सड़क पर हल्ला बोल किया जा सकता है।

झंझट इस बात का है कि कांग्रेस के भीतर गुटबाजी हावी है। अजीत जोगी का जमाना याद आता है। उनकी अलग कांग्रेस थी, अभी भी वहीं हाल है भूपेश बघेल की अलग कांग्रेस है।सारी खुदाई एक तरफ गांधी परिवार का भाई एक तरफ, उनके रहनुमा भी है जो दीपक बेंज की कुर्सी देने की सार्वजनिक मांग भी करते है। वोट चोरी हो न हो कुर्सी चोरी का खेल चल रहा है। संगठन के कार्यक्रम को तेल कैसे लगाया जाए, ये अलग चलेगा। अगर संगठन सफल होता है तो छत्तीसगढ़ चुनाव आयोग का एक काम हल्का हो जाएगा। पांच बिंदु पर कचरा छट जाएगा। जिस तरह से प्रदेश में भाजपा की कार्य प्रणाली है उससे अगले चुनाव में वोट चोरी भी हो जाए तो कांग्रेस की वापसी होते दिख रही है, सायं सांय

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