बिलासपुर: शहर एक बार फिर गंभीर पानी संकट से जूझ रहा है। महज एक महीने के भीतर दूसरी बार जल आपूर्ति ठप होने से शहर के करीब 40 हजार घरों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। बीते सात दिनों से कई इलाकों में नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं और लोग टैंकर व अन्य अस्थायी साधनों के सहारे अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
यह संकट बिरकोना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) से जुड़ा है। यहां तकनीकी सुधार के नाम पर पुराने चेंबर को तोड़कर नया कंक्रीट चेंबर बनाया गया है। नगर निगम के अनुसार, इस नए चेंबर को पूरी तरह मजबूत होने में कम से कम सात दिन का समय लगेगा। इसके बाद आठवें दिन अमृत मिशन योजना के तहत शहर की 22 पानी टंकियों में दोबारा जल आपूर्ति शुरू की जाएगी।
अमृत मिशन की सप्लाई बंद होते ही शहर की करीब 276 किलोमीटर लंबी वितरण पाइपलाइन पूरी तरह सूख चुकी है। सामान्य दिनों में इसी पाइपलाइन से रोजाना लगभग 35 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती थी। पाइपलाइन के ड्राई हो जाने से कई इलाकों में पानी पहुंचना पूरी तरह बंद हो गया है।
सबसे ज्यादा परेशानी सिंह राजपारा और चिंगराज पारा जैसे क्षेत्रों में देखी जा रही है। चिंगराज पारा में लोगों ने बताया कि खूटाघाट से कई दिनों से पानी नहीं आ रहा है और नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं। लोगों में नाराजगी और निराशा साफ झलक रही है।
इस मामले में नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अमृत मिशन की मुख्य लाइन में तकनीकी दिक्कत के कारण सप्लाई रोकी गई है। निगम की ओर से पूजा विधान ने बताया कि सुधार कार्य तेजी से चल रहा है और फिलहाल टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है।
नगर निगम कमिश्नर प्रकाश सर्वे ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आठवें दिन सच में शहर को पानी की राहत मिलेगी, या फिर लोगों को एक बार फिर तारीख के भरोसे अपनी प्यास बुझानी पड़ेगी। फिलहाल बिलासपुरवासी प्रशासन की कार्रवाई और पानी की हर बूंद का इंतजार कर रहे हैं।
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