रायपुर। राजधानी रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने जा रही है। विधि विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। अधिकारियों के मुताबिक, अब सोमवार को औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इस नए सिस्टम के लागू होने से शहर की कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत पुलिस कमिश्नर को 16 महत्वपूर्ण अधिकार दिए जाएंगे, जिससे उन्हें कई मामलों में सीधे निर्णय लेने की शक्ति मिलेगी। हालांकि, शस्त्र लाइसेंस और आबकारी (एक्साइज) लाइसेंस जारी करने का अधिकार कमिश्नर को नहीं मिलेगा, यह अधिकार जिला प्रशासन के पास ही रहेगा।
गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, पुलिस कमिश्नर को छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम 2007 के तहत धरना-प्रदर्शन, जुलूस और सभा की अनुमति देने, साथ ही धारा 144 लागू करने का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा कैदी अधिनियम 1900 के तहत बीमार या पारिवारिक कारणों से कैदियों को अल्पकालीन पैरोल पर छोड़ने का अधिकार भी कमिश्नर को दिया जाएगा।
कमिश्नर को जेल अधिनियम 1894, विष अधिनियम 1919, देह व्यापार निवारण अधिनियम 1956 और गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम 1967 के तहत भी कार्रवाई का अधिकार होगा। इसके साथ ही राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत जिला बदर, मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत यातायात नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) 1980 के तहत गिरफ्तारी का पावर भी कमिश्नर को मिलेगा।
इसके अलावा पुलिस कमिश्नर आफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923, सिनेमा अधिनियम 1952, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960, पेट्रोलियम अधिनियम 1934 और विस्फोटक अधिनियम 1884 के तहत भी सीधे आदेश जारी कर सकेंगे।
सरकार का मानना है कि पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने से प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होगी, अपराध नियंत्रण मजबूत होगा और राजधानी में कानून व्यवस्था पहले से ज्यादा प्रभावी बन सकेगी।
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