मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच साइबर हमले ने नया खतरा पैदा कर दिया है। ईरान से जुड़े माने जा रहे हैकर ग्रुप हंडाला हैक ने अमेरिकी सेना पर बड़ा साइबर अटैक किया है। इस हमले में 2,379 अमेरिकी मरीन्स का संवेदनशील डेटा लीक कर दिया गया है।
लीक हुई जानकारी में सैनिकों के नाम, फोन नंबर, घर के पते और बेस लोकेशन जैसी निजी डिटेल शामिल बताई जा रही हैं। यह हमला खासतौर पर पर्सियन गल्फ में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर किया गया।
व्हाट्सएप पर धमकी भरे मैसेज
रिपोर्ट्स के मुताबिक 28-29 अप्रैल के बीच हैकर्स ने सैनिकों को व्हाट्सएप के जरिए धमकी भरे मैसेज भेजे। इनमें लिखा गया— “हम जानते हैं तुम कौन हो, अपने परिवार को आखिरी बार कॉल कर लो।” साथ ही शाहद ड्रोन और क़ादिर मिसाइल से हमले की धमकी भी दी गई।
टेलीग्राम पर डेटा किया जारी
हैकर्स ने यह डेटा टेलीग्राम चैनल और अपनी वेबसाइट पर जारी किया है। ग्रुप का दावा है कि उसके पास और भी हजारों अमेरिकी सैनिकों की जानकारी है, जिसे आगे सार्वजनिक किया जा सकता है।
कौन है हैंडला ग्रुप?
हंडाला हैक खुद को प्रो-फिलिस्तीनी हैक्टिविस्ट बताता है, लेकिन FBI और US Department of Justice जैसी एजेंसियां इसे ईरान की खुफिया एजेंसी से जुड़ा मानती हैं।
अमेरिका का कड़ा रुख
हमले के बाद Pentagon और US Cyber Command ने अलर्ट जारी किया है। सैनिकों को सतर्क रहने और अपनी डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने की सलाह दी गई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने इसे “ईरानी शासन की हताशा” बताया है।
साइबर वॉर का बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक यह हमला सिर्फ डेटा चोरी नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Operation) भी है। इसका मकसद सैनिकों और उनके परिवारों में डर पैदा करना है। यह घटना दिखाती है कि अब युद्ध केवल हथियारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साइबर हमले और डेटा लीक भी आधुनिक युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
INDIA WRITERS Voices of India, Words That Matter